सेहत को लेकर बदल रहा ग्रामीण किशोरियों का नजरिया

किशोरावस्था के बदलावों व बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर सचेत

माहवारी से जुड़ीं भ्रांतियों को भी दूर करने की मुहिम में मिल रही सफलता

 ग्रामीण क्षेत्र की किशोरियां अब अपनी सेहत को लेकर पूरी तरह जागरूक हो चुकी हैं/ किशोरावस्था से जुड़े शारीरिक बदलावों पर भी अब वह अपने बड़ों से बात करने में नहीं हिचकती हैं/ मासिक धर्म या माहवारी को लेकर भी वह बहुत ही संजीदा हैं और इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और सफाई पर भी वह खुलकर बात करती हैं और इसको लेकर जुड़ीं भ्रांतियों को दूर करने की भी उनकी कोशिश रंग ला रही है/ इसके अलावा उन्होंने किशोरियों का समूह भी बना रखा है जो की गाँव की शिक्षा-सफाई पर भी नजर रखता है/

लखनऊ शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर मोहनलालगंज क्षेत्र स्थित शाह मोहम्मदपुर अपैया ग्राम पंचायत की बस्ती चंदिका का पुरवा की हाईस्कूल की छात्रा सोनम और शिवानी ने अपने गाँव की सूरत बदलने के जज्बे से लबरेज हैं/ उनकी इस सोच को बल मिला गाँव में राजीव गाँधी महिला विकास परियोजना के चल रहे स्वयं सहायता समूहों की ताकत को देखकर/ सोनम और शिवानी ने इन समूहों के जरिये गाँव की महिलाओं की आय और सेहत के साथ सोच में आये बदलाव को देखकर तय किया कि अब वह भी अपनी हमउम्र सहेलियों का समूह बनाकर गाँव के बच्चों की सेहत सुधारेंगी/ इसके लिए उन्होंने 10 किशोरियों का एक समूह बनाया, जिसको नाम दिया ज्योति युवा महिला समूह/ इस समूह ने सबसे पहले किशोरावस्था में शुरू होने वाले मासिक धर्म को लेकर गाँव के लोगों की सोच में बदलाव लाने की ठानी/ शुरू में तो थोड़ी हिचक हुई लेकिन बाद में वह अपने बड़ों को समझाने में सफल हुई/ इस दौरान रसोई के अन्दर न जाने की रोक-टोक को उन्होंने जड़ से ख़त्म कर दिया/

किशोरावस्था में होने वाले बदलावों और उस दौरान बरतीं जाने वाली सावधानियों के बारे में महिला समूह की स्वास्थ्य सखी नीलू ने उनका पूरा साथ दिया और हर समस्या का समाधान भी सुझाया/ नीलू से मिली जानकारियों को उन लोगों ने अपने समूह के साथ ही गाँव की हर किशोरी से साझा करना शुरू कर दिया/ अब हालत यह है की मासिक धर्म के दौरान गाँव की किशोरियां कपड़े की जगह सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल करती हैं जो की सरकार द्वारा उनके स्कूलों में फ्री में मिल जाता है/ अगर कभी समय से नहीं भी मिल पाता तो वह बाजार से खरीद लेती हैं/ इसके साथ ही सफाई पर भी यह समूह पूरा ध्यान रखता है/

समूह से जुड़ीं सलोनी बताती हैं की अब वह माहवारी की सेनेटरी नैपकिन इधर-उधर न फेंककर घर के बाहर जमीन के अन्दर एक मटकी रख दी है, उसी में यह सेनेटरी नैपकिन डालती जाती हैं और बाद में उसे मिटटी का तेल डालकर नष्ट कर देती हैं/ संजू देवी किशोरावस्था में आयरन की गोलियों के फायदे लोगों को बताती हैं तो सुष्मिता हैण्डवाशिंग से शरीर को निरोगी बनाने के बारे में बखूबी समझाती हैं/ मुन्नी किशोरावस्था के दौरान खानपान का खास ख्याल रखने के बारे में लोगों को समझाने का काम करती हैं/ किशोरी समूह के जरिये गाँव के बच्चों की सेहत में आ रहे बदलाव की बात को वहां के ग्राम प्रधान परीदीन रावत भी खुले मन से स्वीकार करते हैं/ उनके इस प्रयास को देखते हुए ही ग्राम प्रधान ने किशोरियों को ग्राम पंचायत भवन में मीटिंग करने की व्यवस्था कर दी है/ किशोरियां यहीं पर हर रविवार को इकठ्ठा होती हैं और गाँव की सेहत पर खुलकर चर्चा करती हैं/ इसके अलावा इन लोगों ने समूह का एक गुल्लक भी बना रखा है, जिसमें हर माह 10 रूपये जमा करती हैं, जिसका रजिस्टर में भी लिखित हिसाब होता है/ यह छोटी पूंजी उन्होंने इसलिए जमा कर रखी है की अगर कभी किसी बहन की स्कूल फीस समय से जमा करने में दिक्कत आती है तो वह उसकी मदद कर सकें

Contributed by Mr. Shashidar Dwivedi, CFAR