समूह ने मुझे जीवन दिया है

नाम-उमिला, समूह-मा दुर्गा,  ग्राम संगठन-संघर्ष महिला ग्राम संगठन

ग्राम पंचायत-बेयारा, ब्लाक-खलीलाबाद, जिला-संतकबीरनगर

 मेरा नाम  उमिला है, गाँव बेयारा की रहने वाली हू। मेरे ग्राम सगठन का नाम शंघर्ष है। समूह में कुल 10 सदस्य है। मेरे पति राजगिर है, 5 बच्चे हैं।परिवार में भइयों के बीच बटवारा हुवा, मुझे एक खपरैल का छोटा सा घर मिला। आमदनी का कोई जरिया न था, दो वक्त की रोटी के लिए तरसते थे। एक दिन समूह बनाने वाली दीदी आयी और समूह से गरीबी ख़त्म होती है ऐसा बताया, मै 14 अप्रैल  2016 को 10 बहनों के साथ समूह गठित की, और ₹100 जमा करती गयी,12 माह के बाद सबकी सहमति से समूह से 10000 ली और घर सही करवाई, और 7 माह में इस धन को व्याज सहित वापस कर दी। इसके बाद समूह का सी सी एल हुआ। सी सी एल से मैंने सभी बहनों से प्रस्ताव रख ₹40000 लिए और जनरेटर खरीदी, जो मेरा बेटा शादी मे किराए चलाने लगा। एक वर्ष में व्याज सहित ऋण वापस कर दी। फिर समूह से 50000 लिए और रोड लाइट और साउंड ख़रीदा और शादियों में बुकिंग करते रहे और अच्छी आमदनी होने लगी,10 माह में समूह ऋण वापस कर दी। आज मेरे पास एक रोड लाईट की दुकान है। मेरे लड़के को रोजगार मिल गया।पकका मकान भी है। मैं सचमुच गरीबी से बाहर आ गयी। धन्यवाद राजीव गांधी महिला विकास परियोजना और दीदियां।