हमने अपने समूह में दूसरी बहनों को भी 18 दिन खाद के बारे में जानकारी दी हैं।

मेरा नाम मिथला देवी हैं। मैं ग्राम पंचायत चुरारा, ब्लॉक मऊरानीपुर, जिला झाँसी की रहने वाली हूँ। मैं राजीव गाँधी महिला विकास परियोजना के द्वारा समूह में जुड़ी हूँ। मेरे समूह का नाम विन्ध्य वासिनी स्वयं सहायता समूह हैं। मेरे ग्राम संगठन का नाम, एकता महिला ग्राम संगठन हैं। हमे समूह में  के द्वारा 18 दिन कम्पोस्ट के बारे में प्रशिक्षण मिला। मैंने 18 दिन कम्पोस्ट के 4 ढेर बनाकर, 2 बीघा जमीन में इसका प्रयोग किया। 2 बीघा खेत में हमने 6 किलोग्राम उर्द का बीज लगाया। इसमें हमने कोई भी रासायनिक खाद या दवाका प्रयोग नहीं किया हैं। उर्द का फसल पूरी तरह से वर्षा आधारित था। जिसमे उर्द का उत्पादन 5 क्विन्टल हुआ हैं। इस फसल में हमे केवल बीज खरीदना पड़ा और म्डब् खाद हमने स्वयं बनाया। थोड़ी सी मेहनत और लगन से हमने रूपये भी बचाये और खाद बनाना भी सीख लिया। इस फसल में खाद का प्रभाव देखकर मैंने कम्पोस्ट के 4 ढेर रबी फसल के लिये तैयार कर लिया हैं। हमने अपने समूह में दूसरी बहनों को भी 18 दिन खाद के बारे में जानकारी दी हैं।